All Categories


Pages


अमेरिकाः ट्रंप समर्थकों ने भारतीय मूल के सीईओ से की बदसलूकी, कहा- सूअरों भारत वापस जाओ

नई दिल्ली – अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप को राष्ट्रपति बनाने के लिए भारत में हिंदूवादी संगठनों ने हवन किया था। यह हवन इसलिए किया गया था कि डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका से मुस्लिमों को खदेड़ देंगे। खैर ट्रंप राष्ट्रपति बन गए लेकिन अब उनके समर्थकों ने हवन करने वाले भारतीयों को आघात पहुंचाने का काम किया है। दरअसल ट्रंप के समर्थकों ने एक भारतीय मूल के सीईओ के साथ अभद्रता कर डाली।

अमेरिका में डोनाल्ड ट्रम्प के समर्थकों ने भारतीय मूल के सीईओ रविन गांधी के साथ बदसलूकी की। उन्हें भद्दी-भद्दी गालियां दी जा रही हैं। ट्रंप समर्थकों ने गांधी से कहा कि वो सुअर, भारत वापस चले जाएं। रविन ने इसका ऑडियो यू-ट्यूब पर भी पोस्ट किया है। 44 साल के रविन अमेरिका की एक बड़ी कंपनी जीएमएम के सीईओ हैं। उनकी कंपनी दुनियाभर में नॉनस्टिक कोटिंग्स सप्लाय करती है।

दरअसल रविन ने सीएनबीसी में ट्रम्प के समर्थकों से कहा था कि वो ट्रम्प के इकोनॉमिक एजेंडे का समर्थन नहीं करते। गांधी ने ये भी कहा कि यूएस प्रेसिडेंट वर्जीनिया की घटना के बाद श्वेतों का बचाव कर रहे हैं। रविन गांधी को निकी हैले का सपोर्टर माना जाता है। अमेरिकी अखबार ‘शिकागो ट्रिब्यून’ के मुताबिक, शार्लोटविले पर ट्रंप के बयान का विरोध करते हुए रविन ने सीएनबीसी पर एक आर्टिकल लिखा था। इसके बाद ट्रंप समर्थकों ने उन्हें ट्रोल करना शुरू किया। गांधी पर नस्लभेदी कमेंट किए गए।

गांधी के मुताबिक, हाल ही में मैंने न्यूयॉर्क टाइम्स से कहा था कि मैं ट्रंप के इकोनॉमिक एजेंडा की कुछ बातों से इत्तेफाक नहीं रखता। शार्लोटविले की घटना के बाद तो और भी मैं ट्रम्प का बचाव नहीं कर सकता। बेरोजगारी एक फीसदी और बढ़ गई है। कुछ मुद्दे हमारी इकोनॉमी पर बुरा असर डालते हैं। दरअसल, एक राष्ट्रपति को इस बात का समर्थन नहीं करना चाहिए कि जो लोग उनकी सोच के ना हों, उनसे नफरत की जाए।

मशहूर न्यूज  वेबसाईट नेशनल दस्तक के मुताबिक 12 अगस्त को शार्लोटविले में कई श्वेत कट्टरपंथियों की एक रैली निकाल रहे लोगों से झड़प हो गई थी। घटना में एक महिला की मौत हो गई थी जबकि 19 लोग घायल हो गए थे। किसी शख्स ने रैली कर रहे लोगों पर कार चढ़ा दी थी।

शार्लोटविले की घटना के बाद रविन ने इसकी सख्त निंदा की। इस पर आर्टिकल लिखा। लेकिन, ट्रम्प के समर्थकों को उनका ये अंदाज पसंद नहीं आया। एक महिला ने तो गांधी को वॉयसमेल में कहा- तुम, अपना सारा कचरा समेट कर भारत चले जाओ। महिला ने कुछ बेहद आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल भी किया।

इस महिला ने यूएन में अमेरिकी एंबेसेडर निकी हैले पर भी सवाल उठाए। कहा- निकी ने ही इन सब चीजों की शुरुआत की है और वही इन्हें बढ़ावा दे रही है। करीब डेढ़ मिनट के इस वायसमेल में इस महिला ने ये भी कहा कि रविन तुम्हें अपने देश लौटकर उसे साफ करना चाहिए। वहां बहुत गंदगी है। रविन ने इस वॉइस मेल को यू ट्यूब के अलावा बाकी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी पोस्ट कर दिया।

रविन ने कहा, वैसे तो मुझे रोजाना बिजनेस कम्युनिटी से ही डील करना पड़ता है। लेकिन ये भी सच है कि अमेरिका में कुछ नस्लभेदी ग्रुप हैं और वो मुझे दूसरे दर्जे का नागरिक मानते हैं। मैं लोगों को ये बताना चाहता हूं कि मेरे साथ किस तरह का बर्ताव किया गया। रविन ने कहा, मेरे हीरो तो मार्टिन लूथर किंग जूनियर और नेल्सन मंडेला जैसी शख्सियतें हैं। जिन्होंने बुरी ताकतों के खिलाफ आवाज उठाई। मैं जानता हूं कि मैं सही हूं।




About the Author

Administrator

Comments


No comments yet! Be the first:

Your Response



Most Viewed - All Categories


Daily Khabarnama Daily Khabarnama