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गौहत्या के आरोप के जवाब में मेवात के आबिद ने खोली मुस्लिम गोशाला

हरियाणा के मेवात जिले के गांव हवन नगर में एक मुस्लिम गौशाला इन दिनों शुर्खियों में है। इस गौशाला को चलाने वाले एक बी.टेक इंजीनियर हैं और मौजूदा समय में जहाँ गाय पर सिर्फ अपना हक जताते हुए लोगों तक की जान ले ली जा रही हो ऐसे में इस मुस्लिम गौशाला को खूबसूरत मिसाल के तौर पर देखा जा रहा है।

गौशाला संचालक आबिद हुसैन कहते हैं कि मेवात के 70 फीसदी मुसलमान गोपालन करते हैं और उसी से उनका गुजारा चलाता है। आबिद ने मेवात के लोगों पर गोहत्या के कलंक को मिटाने के लिए इस गौशाला का निर्माण किया है।

आबिद के साथी अमान खां का कहना है, “दिल्ली यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के दौरान मेवात में गौहत्या को लेकर मेरे साथी छात्र काफी तंज कसते थे। मेवात पर गौहत्या के लग रहे धब्बे को मिटाने के मकसद से आबिद और मैंने यहां एक मुस्लिम गोशाला बनाने की ठानी, जिससे इस कलंक को मिटाया जा सके।”

वे बताते हैं कि आज उनके इस गौशाला में सौ से अधिक गायें हैं। वहीं दूसरी तरफ उनके जानने वाले डॉ. बशीर अहमद, अबु-बुरहान, मुबारिक नोटकी और मकशूद शिकरवा बताते हैं कि मेवात के लोगों का गाय से मोहब्बत आज से नहीं हैं। मेवात के अधिकतर लोग कृष्णवंशी हैं।

वे कहते हैं कि पुन्हाना कस्बा बृज के 84 कोस की परिधि में आता है। भगवान कृष्ण के जमाने से ही यहां के लोग गायों का पालन करते हैं। यहां बेटियों का भात भरने वगैरह में बेटियों को दान में गाय ही दी जाती हैं।

आबिद हुसैन बताते हैं कि उनकी गौशाला की पशुपालन विभाग की तरफ से हर हफ्ते जांच की जाती है। विभाग ने सभी गायों के कानों पर टैग लगा रखे हैं। जांच के लिए पशुपालन विभाग के डॉक्टर और डिप्टी डायरेक्टर अक्सर गौशाला का दौरा रहते हैं।

हालांकि वे कहते हैं कि यहां के लोग आज भी उनको गलत नजर से देखते हैं। उनका यही नजरिया है कि हम गोशाला की आड़ में गौहत्या ही करते हैं। कुछ लोग नहीं चाहते कि मुस्लिम कोई गौशाला चलाएं।




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