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चीन से मक्का तक साइकिल पर तय की इस हज यात्री ने अपनी यात्रा

हज यात्रा एक शारीरिक इबादत के साथ साथ आर्थिक इबादत भी है।  शारीरक तौर पर कई पहलू है जिनमे से एक है मक्का की यात्रा। यह इस्लाम का एक मूल भूत स्तम्भ भी है और हर उस आदमी के लिए जो जाकर हज कर सकता है उसके लिए आवश्यक है।  निसंदेह अब हवाई यात्राओ ने इस सफर को पहले की तरह एक कठिन कार्य नहीं रख छोड़ा , इसके कारण हर साल जाने वाले श्रधालुओ की संख्या में भी इज़ाफ़ा हुआ है लेकिन कुछ ऐसे भी है जो लीक से हटकर काम करने में यकीन रखते है और ऐसे ही है चीन के मोहम्मद।



चीन के मोहम्मद ने अपनी पूरी यात्रा का अनुभव पौराणिक तरह से लिया।  उन्होंने अपने स्थान से मक्का की दूरी जो तकरीबन 8000 किलोमीटर है को साइकिल से पूरा किया।





मोहम्मद एक पेशेवर साइकलिस्ट है और उन्होंने चीन के शिनजियांग से ताइफ़ होते हुए मक्के में दाखिला लिया।  यह सफर करने में उनको तीन महीनों का सफर लग गया।

इस यात्रा की पूर्ती के लिए उन्होंने ईरान और इराक़ में से रास्ता तय किया फिर ताइफ़ के एक स्थानीय साइकिल ग्रुप को ज्वाइन किया

ताइफ़ साइकिल क्लब के मुखिया नायेफ अल रॉयस कहते है :

" हम सऊदी अरब के पहले सायकिल क्लब थे जिन्होंने इस चीनी राइडर का स्वागत किया"

सांकेतिक तस्वीर 

विदित हो लगभग 11000 चीनी हजयात्री मक्का पहुच चुके है। हज अगले महीने से शुरू होने जा रहा है।
मई 2014 में भी एक मलेशियन ग्रुप ने कुआलालंपुर से मदीने तक की यात्रा साइकिल से की थी। इन्होंने बताया जैसे जैसे यह एक देश पर करते मलेशिया की एम्बेसी इनकी पूरी दस्तावेजीय कार्यवाही को सुलभ बनाती।

(यह रुट आकांशाओं के आधार पर बनाया है , इसकी पुष्टि नहीं है कि यही रुट है। )




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