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रुस्तम-ए-जमाना; गुलाम मोहम्मद उर्फ़ ‘गामा पहलवान’ ने जीवन में कोई कुश्ती नहीं हारी

 भारत में प्रो रेसलिंग लीग की शुरुआत हो चुकी है। इस लीग में देशभर के कई मशहूर रेसलर हिस्सा ले रहे हैं। इस अवसर पर बताने जा रहा है गामा पहलवान के बारे में।

गामा पहलवान दुनिया के एक मात्र पहलवान थे जिन्होंने अपने जीवन में कोई कुश्ती नहीं हारी। ब्रूस ली खुद गामा पहलवान से बेहद प्रभावित थे और उनसे ही उन्होंने बॉडी बनाना सीखी थी।

दिन में 5000 बैठक और 1000 से ज्यादा दंड लगाना गामा पहलवान की ट्रेनिंग शेड्यूल में शुमार था। उनकी डायट में छह देसी चिकन, 10 लीटर दूध, आधा किलो घी और बादाम का टॉनिक होता था।

10 बरस की छोटी सी उम्र में दिखाया था

दम 1880 में पंजाब के अमृतसर शहर में मशहूर पहलवान मोहम्मद अजीज के घर गुलाम मोहम्मद का जन्म हुआ था। सभी प्यार से उन्हें ‘गामा’ कहकर बुलाया करते थे। पिता के पदचिह्न्नों पर चलते हुए गामा ने पहलवानी को अपने रोजाना की दिनचर्या में शुमार कर लिया।

जोधपुर में एक पहलवानी प्रतियोगिता आयोजित हुई थी। देशभर से हजारों पहलवान अपना दम दिखाने वहां पहुंचे थे। 10 साल के गामा भी वहां हाथ आजमाने पहुंच गए। पहलवानी की मुश्किल से मुश्किल कसरत को खूबसूरती से अंजाम देते हुए गामा अंतिम 15 पहलवानों की लिस्ट में पहुंच गए। उनका स्टेमिना और निष्ठा देख कर सभी चकित थे।

ऐसे बने वर्ल्ड चैम्पियन

लंदन पहुंचते ही उन्होंने वहां के दिग्गजों के सामने चौंकाने वाली चुनौती रख डाली। उन्होंने चैलेंज रखा कि वे महज 30 मिनट के समय में तीन पहलवानों को रिंग से बाहर फेंक सकते हैं, फिर चाहे पहलवान किसी भी भार वर्ग का हो। इंग्लैंड के पहलवानों को लगा कि गामा सभी को बुद्धू बना रहे हैं। अपनी चुनौती को और मजबूत करने के लिए उन्होंने लालच दिया कि उन्हें हराने वाल पहलवान को वे खुद इनामी राशि देंगे और वहां से भारत लौट जाएंगे।

गामा ने उस समय के दिग्गज स्टेनिस्लास जबिस्को और फ्रेंक गॉच को ललकारा। उनकी उस चुनौती का सामना करने वाला पहला पहलवान था अमेरिका का बेंजामिन रोलर। गामा ने उस फाइट में महज 1 मिनट 40 सेकंड के समय में रोलर को चित कर दिया। 9 मिनट और 10 सेकंड के समय में उन्होंने रोलर की चुनौती खत्म कर दी। रोलर को पिटा हुआ देखने के बाद गामा को जबिस्को ने ललकारा। 10 सितंबर 1910 को हुए बाउट में इनामी राशि को बढ़ा कर उसके साथ जॉन बुल बेल्ट का खिताब भी जोड़ दिया गया था। महज एक मिनट में गामा ने जबिस्को को उठा कर नीचे पटक दिया। अगले 2 घंटे 35 मिनट तक रोलर उसी पोजिशन में रहा। वह मैच जैसे-तैसे ड्रा में खत्म हुआ। दोनों के बीच अगले मुकाबले की तारीख रखी गई 17 सितंबर। उस तय तारीख को जबिस्को मुकाबले के लिए पहुंचा ही नहीं और गामा को विजेता घोषित कर दिया गया।

जॉन बुल बेल्ट मिलने के बाद गामा की पहचान रुस्तम-ए-जमाना के रूप में हुई!




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Comments

Abrar QureshiAugust 16, 2016 Reply

I heard Gama name from my childhood.its really fabulous.

FirozAugust 18, 2016 Reply

Oh my god i cnt blv ths

irfan khanAugust 19, 2016 Reply

Very nice gama ma

MurtazaOctober 14, 2016 Reply

I am impressed the great gama


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